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नींद में चलने की बीमारी बनती जा रही हे आम , जाने इसके पीछे के तथ्य।

स्लीपवॉकिंग  जिसे सोनामबुलिज्म भी कहा जाता है – इसमें नींद की स्थिति में उठना और घूमना शामिल है। वयस्कों की तुलना में बच्चों में ये समस्या ज्यादा आम है। वैसे तो स्लीपवॉकिंग की अलग-अलग घटनाएं अक्सर किसी गंभीर समस्या का संकेत नहीं देती हैं और न ही इसे किसी खास उपचार की आवश्यकता होती है।

नींद में चलने का सही कारण अज्ञात है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह परिवारों में चलता है । यदि आपके करीबी परिवार के अन्य सदस्यों के पास स्लीपवॉकिंग व्यवहार या रात का भय है, तो आपको नींद में चलने की अधिक संभावना है।

नींद में चलने के कारण क्या है 
बुखार होना।
तनाव में रहना।
स्ट्रोक होना।
नार्कोलेप्सी।
थायरॉइड।
सिर में चोट लग जाना।
टांग हिलाते रहना।
नींद संबंधित समस्या का विकार होना।

नींद में चलने की विशेष उपचार नहीं है, हलाकि इस पर शोध जारी है। अधिकतर मामलों में व्यक्ति के आदतों में सुधार कर ठीक किया जाता है। इससे व्यक्ति के कुछ कुछ लक्षणो को कम किया जा सके। नींद में चलने वाले लोगो को चोट लगने से बचाव करना चाहिए।

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