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मेडिकल कॉलेज मेरठ में विश्व मधुमेह दिवस (डायबिटीज डे) मनाया गया

मेरठ: मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी वी डी पांडे ने बताया की सर्वप्रथम पैथोलॉजी विभाग एवं बायो केमिस्ट्री विभाग ने संयुक्त रूप से शुगर जांच शिविर केंद्रीय प्रयोगशाला में आयोजित कर आम जनमानस की निशुल्क शुगर की जांच की। शुगर जांच शिविर का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉक्टर आर श्री गुप्ता ने किया। डॉक्टर निधि वर्मा विभागाध्यक्ष पथॉलोजी विभाग ने बताया की ब्लड शुगर टेस्ट, मधुमेह की बीमारी की प्राथमिक जांच है (screening test) है। यदि समय रहते मधुमेह बीमारी का पता लग जाये, तो काफ़ी जटिलताओ से बचा जा सकता है। कुल १२१ लोगों ने शुगर टेस्ट कराया।साथ ही मरीज़ों को जागरूक भी किया गया। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉक्टर आभा गुप्ता ने बताया की मेडिसिन ओपीडी में आए हुए मरीजों एवं उनके तीमारदारों को मधुमेह रोग की जानकारी दी गई तथा इससे बचने के उपाय वह खानपान में परहेज पर विस्तार से जन जागरण किया गया। मेडिसिन ओपीडी में निशुल्क ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच की गई। मेडिसिन विभाग द्वारा एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं लिए मधुमेह पर आधारित क्विज प्रतियोगिता आयोजित किया गया जिसमें छात्र छात्राओं ने प्रतिभाग किया तथा प्रधानाचार्य डॉ आर सी गुप्ता ने प्रथम पुरस्कार विजेता एमबीबीएस सत्र 2018 के छात्र कीर्ति मानसी पूजा हर्ष तथा द्वितीय पुरस्कार विजेता सत्र 2018 के छात्र अरमान संकल्प राज अरुण एवं सत्र 2021 के छात्र कली अक्षी अमोल हिमांशी एवं तृतीय तृतीय पुरस्कार विजेता सत्र 2018 के छात्र आशिमा आयुषी अभिनव प्रज्ञा आदि को पुरस्कार वितरित किया। बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर विजय जयसवाल ने बताया की लेक्चर थियेटर कंपलेक्स में मधुमेह पर आधारित “एजुकेशन टू प्रोटेक्ट टुमारो” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। प्रथम वक्ता के रूप में डॉ आभा गुप्ता ने मधुमेह के विषय में विस्तार से बताया। दूसरे वक्ता डॉ विजय जायसवाल ने बच्चों में हो रहे मधुमेह की बीमारी के कारण और निवारण को विस्तार से समझाया तथा विश्वस्तरीय मानकों के अनुसार मधुमेह के बाल रोगियों के उपचार को स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों को समझाया। अंतिम वक्ता के रूप में डॉ पंकज अग्रवाल ने ग्रंथि रोग विभाग एवं मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले मधुमेह के मरीजों की पहचान उनकी जांच उपचार खान-पान में परहेज तथा मधुमेह के कारण मरीज अन्य दूसरे रोगों से ग्रसित होकर गंभीर रूप से बीमार हो जाता है उससे मरीज को कैसे बचाया जाए समय रहते मरीज को एवं उनके तीमारदारों को समझाते हुए मधुमेह रोग की गंभीरता को बताना चाहिए ताकि मरीज मधुमेह रोग को गंभीरता से लें और समय से एवं नियमित रूप से इसका इलाज कर स्वस्थ जीवन यापन कर सके। इस अवसर पर प्रमुख अधीक्षक डॉ केएन तिवारी, डॉ ललिता चौधरी, डॉ निधि वर्मा, डॉ अरविंद कुमार, डॉ प्रीति सिंह, डॉ कृष्ण गोपाल, डॉक्टर अरुण नागतिलक, डॉक्टर अनुपमा वर्मा, डॉक्टर श्वेता शर्मा, डॉक्टर संध्या गौतम, डॉ स्नेह लता वर्मा, डॉ नेहा सिंह, डॉक्टर प्रिया, डॉ अंशु, डॉक्टर वीर करुणा, डॉ अभिषेक कुमार सिंह, स्नातकोत्तर छात्र छात्राएं, एमबीबीएस के छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।

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